रामचरितमानस की एक ऐसी चौपाई, जिसका स्मरण करने से भक्तों को हर कार्य में मिलती है सफलता

“रामचरितमानस की एक ऐसी चौपाई, जिसका स्मरण करने से भक्तों को हर कार्य में मिलती है सफलता”

रामचरितमानस की चोपाई का स्मरण करते भक्त, जो हर कार्य में सफलता की कामना कर रहे हैं। रामचरितमानस की चोपाई का स्मरण करते भक्त, जो हर कार्य में सफलता की कामना कर रहे हैं। रामचरितमानस की चोपाई का स्मरण करते भक्त, जो हर कार्य में सफलता की कामना कर रहे हैं।
रामचरितमानस की चोपाई का स्मरण करते भक्त, जो हर कार्य में सफलता की कामना कर रहे हैं।रामचरितमानस की चोपाई का स्मरण करते भक्त, जो हर कार्य में सफलता की कामना कर रहे हैं।

🌸 प्रस्तावना:

“रामचरितमानस” गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक दिव्य ग्रंथ है, जो न केवल रामभक्ति का प्रतीक है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। इसमें वर्णित चौपाइयाँ और दोहे साधारण शब्दों में गहरे आध्यात्मिक रहस्य समेटे हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि कुछ विशेष चौपाइयों का श्रद्धा भाव से स्मरण करने पर व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है — चाहे वह शिक्षा हो, व्यापार, नौकरी, या पारिवारिक जीवन।


🌟 विशेष चौपाई जो दिलाती है सफलता:

“बुद्धि हीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार॥”

यह चौपाई “सुंदरकांड” की शुरुआत में तुलसीदास जी ने हनुमान जी की वंदना के रूप में लिखी है। इसका अर्थ है:

“हे पवनपुत्र हनुमान! मैं अपने आप को बुद्धिहीन समझकर आपकी शरण लेता हूँ। मुझे बल, बुद्धि, और विद्या प्रदान कीजिए तथा मेरे सभी दुख और दोषों को हर लीजिए।”


✅ इस चौपाई का प्रभाव:

  1. बुद्धि और विवेक की प्राप्ति:
    यह चौपाई छात्रों, विद्वानों, और निर्णय लेने वालों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
  2. साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि:
    जब कोई कार्य कठिन लगे या मन में भय हो, तो इस चौपाई का जप आत्मबल को बढ़ाता है।
  3. कष्टों का नाश:
    मानसिक तनाव, भय, और नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाने वाली यह चौपाई अत्यंत प्रभावशाली मानी गई है।
  4. संकटों में सफलता:
    कार्यों में रुकावट आ रही हो या विफलता मिल रही हो, तब इस चौपाई का स्मरण रास्ता खोलता है।

📿 कैसे करें स्मरण:

  • प्रतिदिन प्रातः और रात्रि को 11, 21 या 108 बार इस चौपाई का जाप करें।
  • मन में श्रद्धा, विश्वास और निष्ठा रखें।
  • हो सके तो हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने बैठकर जप करें।
  • मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से लाभकारी होता है।

निष्कर्ष:

“रामचरितमानस” केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक जीवन मार्गदर्शक है। उसमें वर्णित चौपाइयाँ जीवन के हर मोड़ पर संबल देती हैं।
“बुद्धि हीन तनु जानिके…” जैसी चौपाई न केवल सफलता का द्वार खोलती है, बल्कि भक्त के हृदय में आस्था, धैर्य और शक्ति का संचार भी करती है। नियमित स्मरण से निश्चित ही जीवन में चमत्कारी परिवर्तन अनुभव किया जा सकता है।

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